International Yoga Day

  • Date: Wednesday, 21 June 2017
  • Event: International Yoga Day

 

विक्रम सम्वत् 2074  आषाढ़ कृष्ण द्वादशी                                                                                                     21st June 2017

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 

योग का जन्म भारत के गर्त में कहीं छिपा हैं | हमारे ग्रंथो में योग का महत्त्व हैं जो अब पुरे विश्व का हिस्सा हैं | देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के खास आग्रह पर इस योग को अन्तराष्ट्रीय स्तर पर उठाने, इसका महत्व सभी को समझाने हेतु इसे विश्व स्तर पर इसे मनाया जा रहा हैं | यह पहली बार हुआ कि संयुक्तराष्ट्र अमेरिका में किसी प्रस्ताव को महज सो दिनों में पारित किया गया |

21 जून के इस दिन को मनाने के लिए भारत में विशेष तैयारी की जा रही है, जिसमें सदस्यों का विशेष योगदान हैं | साथ ही इसे देश में फैलाने के लिए भी बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा बहुत मेहनत की जा रही हैं | 

स्वामी राम देव जिन्हें योग गुरु कहा जाता है, उन्होंने भी अन्तराष्ट्रीय योग दिवस के लिए विशेष तैयारी की हैं | राम देव जी ने 35 मिनिट का एक विशेष कार्यक्रम बनाया है, जिसे वे अन्तराष्ट्रीय योग दिवस के दिन सभी के लिए करेंगे |

स्वामी राम देव का योग के लिए विशेष योगदान :

राम देव ने 25 साल दिए हैं देश में योग का महत्व समझाने के लिए | देश में योग तो प्राचीनतम है, लेकिन लोगो में इसके प्रति रुझान के लिए राम देव बाबा ने बहुत योगदान दिया हैं | इस कारण हरियाणा बीजेपी सरकार ने राम देव बाबा को योग का ब्रांड एम्बेसडर बनाया हैं | बाबा राम देव के कारण ही लोगो में प्राणायाम के प्रति रुझान बड़ा हैं इससे कई लोगो की परिशानियाँ कम हुई हैं | राम देव बाबा ने ही लोगो को आयुर्वेद के लिए प्रेरित किया हैं और इसी कारण पतंजलि को देश में बहुत अधिक महत्व दिया जा रहा हैं |

योग में कई गुण है, अतः इसके लिए दुनियाँ के सभी लोगो को जागना चाहिये | शारीरिक एवम मानसिक विकास के लिए हम सभी को एक दुसरे का साथ देना चाहिये |और इस दिशा में यह पहला बहुत बड़ा कदम हैं | अन्तराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को पूरी दुनियाँ में योग किया जायेगा, जिसका सकारात्मक प्रभाव पुरे विश्व में होगा, क्यूंकि योग एक ऐसी विधा है, जिसे जिस स्थान पर बैठ कर अधिक से अधिक लोगो के साथ किया जाता हैं | उस जगह पर उतनी ही अधिक सकारात्मकता बढ़ती हैं और यह उर्जा सभी के लिए बहुत फायदेमंद होती हैं |

योग में सभी आसन एवम प्राणायाम का विशेष महत्व होता है, लेकिन इसे किसी के सानिध्य में सीखने के बाद ही करना उचित होता है| गलत तरीके से आसन अथवा प्राणायाम करने से विकार उत्पन्न होते हैं | आसन में सूर्य नस्कार एवम ध्यान में सुदर्शन क्रिया बहुत अधिक प्रचलित हैं | अगर इन दोनों विधाओं को भी आप अपनी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाते हैं तो आपको इसके अनगिनत लाभ होंगे और आप बिमारियों से कोसो दूर होंगे |

महत्वपूर्ण योगासन के नाम

क्र.आसन मुद्रा

1 ताड़ासन - इसमें सीधे खड़े होकर धीरे- धीरे अपना पूरा वजन पंजे पर डालते हैं और एड़ी को उपर उठाते हैं | इस स्थिती को दौहरता हैं और इसी स्थिती में कुछ देर खड़े रहते हैं इसे होल्ड करना कहते हैं |

2 पादहस्तासन- सीधे खड़े होकर आगे की तरफ झुकते हैं और घुटने मोड़े बिना अपने पैरो के अंगूठे छूते हैं | इसके बाद अपने सिर को जन्घो पर टच करने की कोशिश करते हैं |

3 शीर्षासन - इसमें सिर के बल पर खड़ा हुआ जाता हैं |

4 त्रिकोणासन - इसमें सीधे खड़े होकर पैरो के मध्य कुछ जगह की जाती हैं | कमर से नीचे की तरफ झुकते हैं साथ ही बिना घुटने मोड़े सीधे हाथ से उलटे पैर के पंजे को एवम उलटे हाथ से सीधे पैर के पंजे को स्पर्श करते हैं |

5 वज्रासन - दोनों पैरो को मोड़ कर, रीढ़ की हड्डी को सीधा रख कर अपने हाथों को घुटनों पर रखते हैं |

6 शलभासन - इसमें पेट के बल लेता जाता हैं एवम हाथो और पैरो को सीधे हवा में खोल कर रखा जाता हैं |

7 धनुरासन - इसमें पेट के बल पर लेट कर हाथो से पैरो को पकड़ा जाता हैं | एक धनुष का आकार बनता हैं |

8 चतुरङ्गदण्डासन - इसमें उलटा लेट कर अपने हाथ के पंजो एवम पैर की उँगलियों पर शरीर का पूरा बैलेंस बनाया जाता हैं |

9 भुजङ्गासन - इसमें उल्टा लेट कर पेट, जांघ, घुटने एवम पैर के पंजे सभी जमीन पर होते हैं और शरीर के आगे का हिस्सा हाथों के बल पर उपर की तरह उठाया जाता हैं | इसमें हाथ की कोहनी थोड़ी सी मुड़ी हुई होती हैं |

ऐसे ही कई आसन है, जिन्हें आपको सीख कर रोजाना करना चाहिये | आसन दुबले एवम पतले सभी लोगो के लिए हितकारी हैं | विशेष बात आसन करते वक्त व्यक्ति को अपने सामर्थ्य के हिसाब से ही आसन करना चाहिये, सभी के शरीर का लचीलापन अलग होता हैं और वह उसी के मुताबिक आसन कर पाता हैं |

योग जीवन के लिए उतने ही जरुरी है, जितना की एक BP के मरीज को उसकी टेबलेट | किसी बीमारी में पड़कर फिर उसके इलाज के लिए इधर उधर भागना और बहुत खर्चा करना, इससे बेहतर हैं आज से ही योग के लिए वक्त निकालना | ना इसमें कोई खर्चा होता हैं और न ही कोई नुकसान | योग के बस फायदे होते हैं, जिन्हें सभी दुनियाँ के लोगो ने माना है, इसलिए देश में अन्तराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा हैं |

दुनियाँ में बढ़ती हुई बिमारियों को देखते हुए यह बहुत अच्छा निर्णय हैं जो विश्वस्तर पर लिया गया हैं | जरुरी नहीं हैं कि योग के लिए कई घंटो का वक्त निकाला जाए 30 मिनिट भी आपके लिए फायदेमंद होंगे |

योग केवल मोटे लोगो या बीमार लोगो के लिए ही जरुरी नहीं हैं | योग व्यक्ति का सर्वांगिक विकास करता हैं | शारीरिक विकास के साथ मनो विकास भी करता हैं |

योग दिवस की घोषणा के पीछे एक ही उद्देश्य है, धर्म जाति से उपर उठकर समाज कल्याण के लिए एक शुरुवात करना | योग से जीवन के हर क्षेत्र में लाभ हैं इससे कई तकलीफों का अंत हैं | अतः सभी धर्म एवम जाति में योग के प्रति जागरूकता होनी चाहिये | 

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